Welcome to Shree Haryana Gaushala, Hansi

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President's Message

दान देने के लिए प्रार्थना

हमारे बच्चे या हमारे किसी प्रिय की सहायता अथवा सुरक्षा करता है तब हम अनायास उसके प्रति जीवन भर के लिए आभारी हो जाते है। ठीक इसी प्रकार ईश्वर की अन्यतम सबसे प्यारी कृति-गायों की सेवा, संरक्षण और सुरक्षा के लिए जब कोई तन-मन-धन से आगे आता है तब परमपिता परमेवर भी उस पर अनायास अति प्रसन्न हो जाते है और गाय माता के प्रति की गई सेवा को वो अपनी सेवा मान लेते है। आज क्रिकेट के एक मैच को देखने के लिए रूपये खर्च कर दिए जाते हैं, अपने कपडों पर, मनोरंजन के साधनों के पर अनाप शनाप पैसा खर्च किया जाता है तो फिर क्यों न गाय माता की सेवा के लिए हम खुले मन से आगे आए।

गौमाता की सेवा संरक्षण में 1912 से अनवरत कार्यरत श्री हरियाणा गौशाला, जहाँ करीब 3500 वृद्ध एवं बीमार गायें हैं। हमारा यह परम पुनीत कर्तव्य बनता है कि हम अपनी शक्ति से भी बढकर गौशालाओं मे दान दें। गौशालाएं रहेंगी तो गायें बचेगी और गायें बचेंगी तभी हम हमारा देश और हमारी संस्कृति बचेगी।

आज विज्ञान तकनीक और तर्क के वाहन पर चढकर हम विकास की लम्बी और अंधी दौड लगा रहे है। एक ऐसी दौड जिसमें संस्कार सत्कार तो ताक पर रखे ही जा रहे है स्वयं अपने स्वास्थय घर परिवार तक से भी हम अपनी व्यस्तम जिन्दगी में बेपरवाह हुए जा रहे है। बन्धुओं हमें जन्म देने वाली माँ की जब उपेक्षा की जाती है तब उस जुबानशुदा माँ का दिल फट जाता है और ऐसे मे वह दुखियारी माँ अपनी अंतव्र्यथा किसी से कह कर मानों अपना दिल हल्का भी कर सकती है।

पर बेजुबान माँ जिसके दूध को पीकर हम हष्ट-पुष्ट होते है जो हमें अपना सर्वस्व लुटा देती है, मानो हमारी ही रक्षा करने को वो बनी हो। उसी बेजुबान माँ को सरेआम काटा जाता है, सताया जाता है, वे चारा, पानी एवं इलाज के अभाव मे तिल-तिल कर दम तोड देती है, बीमारी-वृदावस्था उनके जीवन को अभिशाप बना देती है तब गौशालाएं उनके घाव पर मरहम का काम करती हैं।

एक गाय की सेवा के द्वारा हम तैंतीस करोड देवी देवताओं की सेवा कर सकते है। जो गायों की सेवा करते है ईश्वर उन पर अति प्रसन्न होते हैं। यदि कोई अन्जान व्यक्ति

राम, कृष्ण के इतिहासों का सार तत्व है गौशाला
स्मृतियों, वेदों, उपनिषदों मे एक तत्व है गौशाला
धर्म स्वयं गौ बनकर मानो बसता है गौशाला
देष, धर्म एवं संस्कृति की परिभाषा है गौशाला

इस पुनीत कार्य में भी शीघ्र अति शीघ्र हम अपना योगदान देकर प्रभु के चरणों की सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

सज्जन अग्रवाल
प्रधान
श्री हरियाणा गौशाला